देवताओं और असुरों ने अमृत के लिए समुद्र मंथन के द्वारा कुल 14 रत्नों की प्राप्ति हुई। उसी में लक्ष्मी जी के साथ श्री चित्रगुप्त जी की भी उत्पत्ति हुई।

देवताओं और असुरों ने अमृत के लिए समुद्र मंथन के द्वारा कुल 14 रत्नों की प्राप्ति हुई। उसी में लक्ष्मी जी के साथ श्री चित्रगुप्त जी की भी उत्पत्ति हुई।
लेखनी की इच्छा-कामना को सहज रूप से पूर्ण करने वाले श्री चित्रगुप्त भगवान की दर्शन हेतु घनश्याम बालिका स्कूल खगौल , वृन्दावन कॉलोनी वाल्मी , मिथिला कॉलोनी दानापुर , शर्मा पथ बेली रोड ,एवं लेखा नगर गई ।
चित्रगुप्त भगवान एवं भाई दूज की ढेरों शुभकामनाएँ !

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