जिला शहरी विकास अभिकरण16-04-2013

development 2013
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Date: Apr 16 2013
Category: जिला शहरी विकास अभिकरण
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Description

पटना समाहरणालय पटना (जिला शहरी विकास अभिकरण)

स्वीकृत्यादेश मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के तहत वर्ष 2012-13 के लिये जिला संचालन समिति द्वारा अनुमोदित योजनाओं की सूची से दानापुर विधान सभा (नगर परिषद् खगौल) क्षेत्रान्तर्गत सड़क/नाला /लाईट प्रक्षेत्र एवं घाट/पार्क प्रक्षेत्र की निम्नांकित योजनाओं पर कार्यपालक अभियंता, शहरी अभियंत्रण कोषांग, जिला शहरी विकास अभिकरण, पटना (डूडा-2) द्वारा प्रदत्त तकनीकी अनुमोदन के आलोक में नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के संकल्प ज्ञापांक–5343, दिनाक-22.10.08 द्वारा प्रत्यायोजित शक्ति के तहत तकनीकी स्वीकृत्ति की राशि के अनुरूप प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जाती है, तथा इन योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्यपालक अभियंता, शहरी अभियंत्रण कोषांग, जिला शहरी विकास अभिकरण, पटना (ड्रडा-2) को कार्यकारी एजेंसी नियुक्त किया जाता है। 2. योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु योजनाओं के सम्मुख अंकित राशि में से 90 प्रतिशत राशि प्रथम अग्रिम के रूप में विमुक्त करने की निम्नवत् स्वीकृति दी जाती है। | नगर निकाय प्रक्षेत्र

योजना का नाम

तकनीकी स्वीकृति । प्रशासनिक प्रथम अग्रिम 90% का नाम

की राशि स्वीकृति की राशि विमुक्त की जा रही (लाख रूपये में) (लाख रूपये में)

(लाख रूपये में) दानापुर | सड़क/नाला खगौल नगर परिषद अन्तर्गत बालिगा 7.156 7.156 6.4404 विधान सभा

हाई स्कूल के क्लास रूम तक पहुँच पथ (नगर परिषद्

तक का ढ़लाई कार्य। खगौल) -तथैव -तथैव खगौल नगर परिषद अन्तर्गत वार्ड 14.253 14.253 12.8277

संख्या–01 खगौल कब्रिस्तान से देवी मंदिर तक पी०सी०सी० सड़क निर्माण

कार्य। कुल 21.409 21.409 19.2681

(उन्नीस लाख छब्बीस हजार आठ सौ दस)

रू० मात्र योजना कार्यान्वयन की शत्तैः1. संबंधित कार्यकारी एजेंसी बिहार सरकार द्वारा नर्गत मुख्यमंत्री नगर विकास योजना की मार्ग दर्शिका एवं बिहार सरकार द्वारा समय-समय पर

निर्गत अनुदेशों के अनुसार योजना का कार्यानायन प्राक्कलम में विनिर्दिष्ट विशिष्टयों के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूरा कराना सुनिश्चित करेंगे। योजना का कार्यान्वयन निविदा के माध्यम से कराया जाय। प्रथम अग्रिम स्वरूप प्राक्कलित राशि की 90 प्रतिशत राशि योजना के कार्यान्वयन के लिए विमुक्त की जाती है तथा आदेश दिया जाता है कि योजना पूर्ण होने के पश्चात दूसरे विश्त की विमुक्ति हेतु मापी पुस्तिका की अंतिम पृष्ठ की अभिप्रमाणित प्रति एवं फोटोग्राफ के साथ विहित प्रपत्र में अधियाचना पत्र समर्पित करेंगे। योजना के गुणवत्ता का हास किसी भी परिस्थिति में मान्य नहीं होगा। इसके लिए संबंधित कार्यपालक अभियंता/सहायक अभियंता/कनीय अभियंता मुख्य रूप से जिम्मेवार होंगे। संबंधित कार्यकारी एजेंसी योजना के प्राक्कलन की संक्षिप्त विवरणी एक पृष्ठ में मुद्रित कराकर कार्य स्थल पर रखना सुनिश्चित करेंगे। कार्यकारी एजेंसी स्थानीय नागरिकों की एक निगरानी समिति भी बनायेंगें जिसमें कम से कम 5 एवं अधिक से अधिक 10 सदस्य होंगे। यह समिति समय-समय पर योजना में कराये गये कार्य के गुणवत्ता की निगरानी करेगी एवं अपना प्रतिवेदन /सुझाव कार्यकारी एजेंसी को दिया

करेगी। 7. योजना प्रारंभ करने से पहले, निर्माण के दौरान एवं योजना पूर्ण होने के पश्चात् फोटोग्राफी/ विडियोग्राफी निश्चित रूप से करायी जाए एवं

फोटोग्राफी की एक प्रति संबंधित योजना अभिलेख में रखी जाए तथा एक प्रति जिला योजना पदाधिकारी, पटना को भी भेजी जाय। 8. नियमानुसार निर्धारित समय से पूर्व किसी प्रकार की क्षति होने पर संबंधित कार्यकारी एजेंसी/अभिकर्ता पूर्णरूपेण जिम्मेदार होगें।

योजना स्थल पर निरीक्षण पंजी रखना अनिवार्य होगा, जिसमें समय-समय पर निरीक्षी पदाधिकारी द्वारा आवश्यक प्रविष्टि की जायेगी।

  1. कार्य प्रारंभ करने से पूर्व कार्यपालक अभियता यह सुनिश्चित कर लें कि विगत पाँच वर्ष में इस योजना में कोई कार्य नहीं हुआ है तथा साथ ही

किसी अन्य मद से योजना स्वीकृत अथवा निर्माणाधीन नहीं है। यदि जाँचोपरान्त यह पाया जाय कि प्रश्नगत योजना में विगत पाँच वर्ष में

किसी मद से कार्य कराया गया है तो वे कार्य प्रारंभ नही करेंगें एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समर्पित करेंगे। 11. योजना अभिलेख के साथ-साथ मास्टर रॉल एवं अभिश्रव का विधिवत् संधारण अनिवार्य होगा। 12. योजना के प्राक्कलन का पुनरीक्षण किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जायेगा। यदि निर्धारित समय सीमा के अन्दर योजना के कार्य को पूर्ण

नहीं किया जाता है तो इसके लिए संबंधित कार्यकारी एजेंसी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेवार होगें। यदि योजना को पूर्ण कराने हेतु प्राक्कलन को पुनरीक्षित किया जाता है तो पुनरीक्षण के फलस्वरूप बढ़ी हुई राशि की वसूली संबंधित कार्यकारी एजेंसी से की जायेगी।

योजना विशेष के लिए आवंटित की गयी राशि का उपयोग किसी भी परिस्थिति में अन्य योजना के लिए नहीं किया जाय। 14. कार्य को पारदर्शी बनाने के लिए योजना के कार्य स्थल पर योजना का साईन बोर्ड लगाना सुनिश्चित करेंगे जिसमें योजना का नाम, योजना

संख्या, प्राक्कलित राशि, कार्यकारी एजेंसी/ अभिकर्ता का नाम एवं योजना का कार्य प्रारंभ कराने तथा पूर्ण कराने की तारीख स्पष्ट रूप से

अंकित रहेगा। 15. योजना से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन प्रत्येक माह की पहली तारीख को निश्चित रूप से भेजी जाय। 16. निर्धारित अवधि के अन्दर योजना को पूर्ण करा कर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर अभिलेख बन्द करते हुए पूर्णता-सह-उपयोगिता प्रमाण पत्र

एवं डी०सी०विपत्र निश्चित रूप से भेजना सुनिश्चित करेंगे। 17. योजना का कार्यान्वयन उपलब्ध सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर ही कराया जायेगा। 18. माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा C.W.J.C No.-4839/2010 एवं C.W.J.C NO.-14831/09 में पारित आदेश

के आलोक में कार्यकारी एजेन्सी, पथ निर्माण योजना में पथ का वर्तमान स्तर कायम रखते हुए ही पथ का निर्माण कराना सुनिश्चित करेंगे।

यदि पथ के वर्तमान स्तर में फेर–बदल होता है तो माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना के लिए वे स्वयं जिम्मेवार होंगे। 19. योजना के कार्यान्वयन के समय कार्यकारी एजेन्सी विद्युत के कार्यपालक अभियंता की उपस्थिति में सड़क की खुदाई कराना सुनिश्चित करेगें ताकि भूमिगत विद्युत केबलिंग से कोई दुर्घटना उत्पन्न न हो सके।

ह0/

प्रतिलिपि:

जिला पदाधिकारी,

पेटना। ज्ञापांक-XX-13/13-150 /जि०श०वि०अभि०, पटना, दिनांक- 16/04/13 जिला योजना पदाधिकारी, पटना को आदेश दिया जाता है कि कार्यपालक अभियंता, शहरी अभियंत्रण कोषांग, जिला शहरी विकास अभिकरण, पटना (डूडा-2) के पदनाम से मो०-19.2681 लाख (उन्नीस लाख छब्बीस हजार आठ सौ दस) रू० मात्र का चेक मुख्यमंत्री नगर विकास योजना मद में उपलब्ध राशि में से अविलम्ब तैयार कर हस्ताक्षरोपरान्त संबंधित कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध करा देगे। कार्यपालक अभियंता, शहरी अभियंत्राण कोषांग, जिला शहरी विकास अभिकरण, पटना (डूडा-2) को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ प्रेषित। आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को सूचनार्थ प्रेषित। सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को सूचनार्थ प्रेषित । नगर कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद दानापुर को सूचनार्थ प्रेषित। संबंधित माननीय सांसद /स०वि०स० को सूचनार्थ प्रेषित। आप्त सचिव, माननीय उप मुख्यमंत्री बिहार -सह- प्रभारी मंत्री, पटना जिला को सूचनार्थ प्रेषित।

 

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